
बिलासपुर :—अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय कोनी में छत्तीसगढ़ पुलिस और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में साइबर जागृति अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाएं हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक करने की अपील की।
वहीं आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल और मैसेज पर बैंक या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने की समझाइश दी।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, पुलिसकर्मी, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से “स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें” का संदेश दिया गया।

साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच : उपमुख्यमंत्री अरुण साव">








