
बिलासपुर/कोटा:—कोटा विकासखंड के अनुदान प्राप्त विद्यामंदिर प्राथमिक शाला बेहरामुड़ा में पदस्थ सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज के कथित अमर्यादित आचरण के मामले में आखिरकार शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को लेकर सामने आई शिकायतों, प्रारंभिक जांच प्रतिवेदनों और वायरल वीडियो के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंध समिति को संबंधित शिक्षक के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी पत्र में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद पूरे मामले में समय न्यूज़ लाइव द्वारा उठाए गए सवालों और प्रकाशित खबर पर कार्रवाई की मुहर लग गई है।
विद्यालयीन समय में नशे में होने और अभद्र आचरण का आरोप
जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राप्त शिकायतों, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर 3 अक्टूबर को विद्यालयीन समय में शिक्षक द्वारा शराब के नशे में विद्यालय परिसर में अभद्र एवं अमर्यादित आचरण किए जाने की पुष्टि हुई है।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि आरोप विद्यालय परिसर और शिक्षण कार्य से जुड़े हैं। विद्यालय को बच्चों के लिए अनुशासन, संस्कार और शिक्षा का केंद्र माना जाता है। ऐसे में विद्यालय परिसर में शिक्षक के इस प्रकार के आचरण को विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है
प्रधानमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का भी उल्लेख
जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र में शासकीय हाई स्कूल बेहरामुड़ा के प्राचार्य एवं संकुल शैक्षणिक समन्वयक के प्रतिवेदनों का हवाला देते हुए बताया गया है कि शिक्षक द्वारा प्रधानमंत्री के संबंध में भी आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने का उल्लेख जांच प्रतिवेदनों में किया गया है।
शिक्षा विभाग ने इसे शिक्षक की गरिमा और शासकीय आचरण के विपरीत बताते हुए गंभीर माना है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस तरह के आचरण से शिक्षण संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
24 घंटे में कार्रवाई, नहीं तो वेतन भुगतान पर रोक की चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंध समिति को मामले में किसी प्रकार की देरी नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। समिति को शिक्षक के निलंबन की कार्रवाई कर 24 घंटे के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।
निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में समस्त वेतन भुगतान की कार्रवाई रोकने की चेतावनी भी दी गई है। इसकी पूरी जवाबदारी विद्यालय प्रबंध समिति की होगी।
अनुदान प्राप्त संस्था होने के कारण प्रबंध समिति की जिम्मेदारी
विद्यामंदिर प्राथमिक शाला बेहरामुड़ा का प्रबंधन विद्यालय प्रबंध समिति के अधीन है। इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी ने समिति को अनुदान प्राप्त संस्थाओं से संबंधित नियमों और शासकीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस आदेश के बाद अब निगाहें विद्यालय प्रबंध समिति की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। विभाग के निर्देश के मुताबिक शिक्षक के निलंबन की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जानी है।
पहले खबर, फिर जांच और अब विभागीय कार्रवाई
बेहरामुड़ा स्कूल में शिक्षक के कथित आचरण का मामला सामने आने के बाद यह खबर तेजी से चर्चा में आई थी। समय न्यूज़ लाइव ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए विद्यालय में शिक्षक के कथित नशे में रहने, अमर्यादित आचरण और प्रधानमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक भाषा के आरोपों को सामने रखा था।
अब जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर इसे “समय न्यूज़ लाइव की खबर पर लगी मुहर” के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश—विद्यालय में अनुशासन से समझौता नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी के इस आदेश से यह स्पष्ट संदेश गया है कि विद्यालय परिसर में शिक्षक के आचरण को लेकर विभाग गंभीर है। विद्यालय में शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वे बच्चों के सामने अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें।
अब देखने वाली बात होगी कि विद्यालय प्रबंध समिति निर्धारित 24 घंटे की समयसीमा में निलंबन की कार्रवाई कर विभाग को पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है या नहीं।

समय न्यूज़ लाइव की खबर पर लगी मुहर: विद्यालय में अमर्यादित आचरण पर सख्त कार्रवाई, शिक्षक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश">






