Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

लईका चिन्हारी’ ऐप से आउट ऑफ स्कूल व दिव्यांग बच्चों की पहचान हेतु राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण निमोरा में संपन्न

मुंगेली जिला ब्यूरो शील पाठक की रिपोर्ट
मुंगेली जिला ब्यूरो शील पाठक की रिपोर्ट

समग्र शिक्षा द्वारा दिया गया हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण

प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अब जिलों एवं विकासखंडों में जाकर मैदानी अमले को सिखाएंगे ऐप का उपयोग

रायपुर:—राज्य में शाला त्यागी, अप्रवेशी (OoSC) और विशेष आवश्यकता वाले (CWSN) बच्चों की सही पहचान, त्वरित पंजीयन और नियमित निगरानी के लिए तैयार किए गए “लईका चिन्हारी” मोबाइल ऐप का एक दिवसीय राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण आज निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण समग्र शिक्षा की आयुक्त श्रीमती किरण कौशल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त प्रबंध संचालक के. कुमार के नेतृत्व तथा उप संचालक आनंद सारस्वत के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों से आए सहायक कार्यक्रम समन्वयक (OoSC नोडल अधिकारी) और तकनीकी रूप से दक्ष DRG सदस्य शामिल हुए।

प्रभारियों की देखरेख में हुआ प्रायोगिक अभ्यास

प्रशिक्षण का संपूर्ण प्रभार एवं प्रशासनिक समन्वय सहायक संचालक भूपेश फाये तथा विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के प्रोजेक्ट मैनेजर राजकिशोर तिवारी ने संभाला। कार्यशाला का सफल संचालन सहायक कार्यक्रम समन्वयक अतुल कुमार अवस्थी एवं डॉ भूपेंद्र धर दीवान द्वारा किया गया। वहीं, तकनीकी सत्र में डेवलपर क्षितिज सेन एवं दीपक दास महंत ने प्रतिभागियों को ऐप का हैंड्स-ऑन (प्रायोगिक) अभ्यास कराया तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर राजकुमार बंजारे ने पंजीयन व्यवस्था संभाली।

मोबाइल पर खुद किया अभ्यास:

कार्यशाला में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी गई, बल्कि सभी ने अपने मोबाइल पर लाइव डेमो के जरिए ऐप चलाना सीखा। इसमें—
* प्ले स्टोर से “लईका चिन्हारी” ऐप डाउनलोड कर सर्वेक्षकों का पंजीयन करना,
*संकुल समन्वयकों (CAC) द्वारा क्लस्टर आईडी से सत्यापन एवं अप्रूवल देना,
*ड्रॉप बॉक्स में दर्ज बच्चों को खोजना और नए बच्चों की जानकारी दर्ज करना, तथा
*बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाकर मुख्यधारा से जोड़ने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
अब जिलों में दिया जाएगा

राज्य स्तर से प्रशिक्षित यह मास्टर ट्रेनर्स अब अपने-अपने जिलों में जाकर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), बीआरसी (BRC) और संकुल समन्वयकों (CAC) को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद संकुल स्तर पर संस्था प्रमुखों और स्थानीय सर्वेक्षकों (साक्षरता प्रेरक, मानदेय कार्यकर्ता, अतिथि शिक्षक आदि) को ऐप चलाना सिखाया जाएगा, जिससे सर्वे का काम बिना किसी तकनीकी रुकावट के समय पर पूरा हो सके।
प्रतिभागियों ने भी इस तरह के व्यवहारिक प्रशिक्षण की सराहना की और आश्वस्त किया कि अपने अपने जिलों में भी इसी तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करेंगे
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यही इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

और भी पढ़ें

📝 संपादक की जानकारी

संपादक: फिरोज खान

पता: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 495001

संपर्क नंबर: 📞 98271 37773 📞 97131 37773 📞 98279 60889

ईमेल: firojrn591@gmail.com


वेबसाइट में प्रकाशित खबरों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है समाचार की विषयवस्तु संवाददाता के विवेक पर निर्भर यह एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया की खबरें प्रकाशित की जाती हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी समाचार से संबंधित कानूनी विवाद की स्थिति में केवल बिलासपुर न्यायालय की ही मान्यता होगी।

WhatsApp