सारंगढ़ जिला ब्यूरो सुवर्ण कुमार भाई की रिपोर्ट
सारंगढ़ :—शारदा सेवा समिति एवं समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से इस वर्ष भी सार्वजनिक शारदा महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है।पूजा महोत्सव का कलश यात्रा 22 जनवरी से शुरू होगा और 23 तारीख से पूजा अर्चना विधिवत शुरू हो जाएगी।जहां मनोरंजन के लिए कीर्तन धारा पुरुष एवं बैठकी महिला कीर्तन कविता मिर्धा,सविता मिर्धा कमगा उड़ीसा एवं सत्यवती भोई भैनातोरा उड़ीसा का कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होगा।सरस्वती वाणी एवं ज्ञान की देवी है। ज्ञान को संसार में सभी चीजों से श्रेष्ठ कहा गया है। इस आधार पर देवी सरस्वती सभी से श्रेष्ठ हैं. कहा जाता है कि जहां सरस्वती का वास होता है वहां लक्ष्मी एवं काली माता भी विराजमान रहती है।सरस्वती पूजा के दिन यानी माघ शुक्ल पंचमी* के दिन सभी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक एवं छात्रगण सरस्वती माता की पूजा एवं अर्चना करते हैं। सरस्वती माता कला की भी देवी मानी जाती हैं अत: कला क्षेत्र से जुड़े लोग भी माता सरस्वती की विधिवत पूजा करते हैं. छात्रगण सरस्वती माता के साथ-साथ पुस्तक, कापी एवं कलम की पूजा करते हैं। संगीतकार वाद्ययंत्रों की, चित्रकार अपनी तूलिका की पूजा करते हैं।रिसोरा सार्वजनिक शारदीय महायज्ञ अंचल का प्रसिद्ध ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजा महोत्सव के लिए सुर्खियों में रहता है।









