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अंबिकापुर : मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत 26 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण कार्य में दिखी उदासीनता, अब अन्य पंचायतों में होगा निर्माण

  ब्यूरो रिपोर्ट समय न्यूज़ टाइम

अंबिकापुर:—आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जिनके पास भवन नहीं थे या क्षतिग्रस्त स्थिति में थे, उनका निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना एवं महिला बाल विकास विभाग के अभिसरण से जिले में कुल 393 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में 393 भवनों की स्वीकृति किए जाने हेतु आदेश प्राप्त हुआ था जिस पर 343 में महिला बाल विकास विभाग के 1.69 लाख रुपए एवं डी.एम.एफ से 50 कार्यों हेतु अभिसरण राशि प्राप्त हुई थी। स्वीकृत 393 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों में से 26 भवनों के निर्माण कार्य में उदासीनता पर जिला प्रशासन द्वारा भवनों को निरस्त कर अन्य पंचायतों में स्वीकृति दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विनय अग्रवाल ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सरपंचों द्वारा उदासीनता बरते जाने के कारण उन्हें निरस्त किया गया, जबकि उन्हें बराबर समय दिया गया इन कार्यों में राशि की किसी भी प्रकार की अनुपलब्धता नहीं थी। सभी निर्माण कार्यों में एजेंसियो को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कार्य की स्वीकृति के बाद सप्ताह भर में कार्य प्रारंभ कर 03 से 06 माह में उसे पूर्ण करें यदि एजेंसियो द्वारा समय पर कार्य प्रारंभ नही किया जाता है तो उसे निरस्त कर अन्यत्र स्वीकृत कर दिया जाएगा।

इन आंगनबाड़ी केंद्रों को किया गया निरस्त-
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों को एक वर्ष बाद भी कई ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव द्वारा रूचि लेकर प्रारंभ नही कराए जाने के कारण चार चरणों में निरस्त किया गया। जिसके तहत प्रथम चरण में 08 आंगनबाड़ी भवन जिसमें जनपद पंचायत अम्बिकापुर के खलिबा, दरिमा, मुड़ेसा, घघंरी तथा मैनपाट का जजगा, बतौली का गहिला, बासेन एवं नकना। इसी प्रकार द्वितीय चरण में 03 अम्बिकापुर के कोल्डिहा, मांझापारा, क्रांतिप्रकाशपुर। तृतीय चरण में 08 अम्बिकापुर के भफौली एवं पोड़िपा, लुण्ड्रा का अगासी, मैनपाट का चिड़ापारा, सीतापुर का प्रतापगढ़ एवं रजौटी, बतौली का गहिला एवं चिरंगा। चतुर्थ चरण में 07 अम्बिकापुर के परसोड़ीखुर्द एवं देवगढ़, लुण्ड्रा का केपी एवं चित्तरपुर, बतौली का सरमना एवं बतौली, मैनपाट का पेंट को निरस्त किया गया। कुल 26 आंगनबाड़ी भवनों को निरस्त कर विकासखण्ड अम्बिकापुर, लखनपुर, लुण्ड्रा के ग्राम पंचायतो में स्वीकृति प्रदान की गई।

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