
*गरियाबंद*:- छत्तीसगढ प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के रिक्त होने के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया जिसमें से गरियाबंद अंचल के युवा नेता गौरव मिश्रा की दावेदारी मे नाम आने से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनके नाम की चर्चा सामने आने के बाद जिले भर के युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षो से क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करने वाले गौरव मिश्रा को युवा नेतृत्व के एक मजबूत चेहरे के रूप में देखा जाता है। हाल ही मे किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और क्षेत्र में खाद संकट, सिंचाई व्यवस्था, जैसे मुद्दों को लेकर चक्का जाम किया।उन्होंने लगातार आंदोलन किया, ज्ञापन सौंपा । छेत्रिय समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए वे कई बार धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। उनका मानना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। युवाओं के रोजगार, शिक्षा, खेल सुविधाओं और स्थानीय विकास के मुद्दों पर भी लगातार संघर्ष किया है । युवा कांग्रेस के माध्यम से उन्होंने युवाओं को राजनीति और सामाजिक कार्यों से जोड़ने का कार्य किया है। स्थानीय जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रियता के कारण वे क्षेत्र में एक जनप्रिय युवा नेता के रूप में उभरे हैं। चाहे किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग हो, युवाओं को रोजगार दिलाने का मुद्दा हो या ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की आवश्यकता, उन्होंने हमेशा जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास किया है।
दिल्ली रवाना होने से पहले गौरव मिश्रा ने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत दावेदारी नहीं है, बल्कि प्रदेश के किसानों, युवाओं और आम जनता की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि यदि संगठन उन्हें कोई जिम्मेदारी देता है तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रदेश के युवाओं की आवाज को मजबूती देंगे तथा किसानों और आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगे।
जिले के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि उन्होंने जमीन पर रहकर संघर्ष की राजनीति की है। स्थानीय विकास के मुद्दों को लेकर उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें प्रदेश स्तर पर एक मजबूत युवा नेतृत्व के रूप में स्थापित करती है।








