
बिलासपुर :—छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के बावजूद बारिश अब भी उम्मीद से काफी कम हुई है। जून का महीना इस बार प्रदेश के लिए सबसे सूखे महीनों में शामिल हो गया है। सामान्य से 69 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है। आखिर क्या है प्रदेश के मौसम का ताजा हाल, देखिए हमारी यह रिपोर्ट।
इस बार छत्तीसगढ़ में मानसून तो 22 जून को पहुंच गया, लेकिन उसके बाद भी झमाझम बारिश का इंतजार जारी है। पूरे प्रदेश में अब तक केवल 51 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस समय तक औसतन 161 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी सामान्य से करीब 69 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां अब तक केवल 35.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से लगभग 74 प्रतिशत कम है। पिछले कई वर्षों की तुलना में जून 2026 में रायपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में अब तक कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। यही वजह है कि प्रदेश में भारी बारिश वाला सिस्टम सक्रिय नहीं हो पाया। हालांकि अगले कुछ दिनों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने और बारिश बढ़ने की संभावना जताई गई है।
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान की खेती के लिए खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है और किसान अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में मुंगेली, दरभा, गुंडरदेही, अर्जुंदा, कोंटा, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई और अकलतरा सहित कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जरूर हुई है।
आज प्रदेश में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दिनभर गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि शाम या रात में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
फिलहाल पूरा छत्तीसगढ़ आसमान की ओर टकटकी लगाए झमाझम बारिश का इंतजार कर रहा है। किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी की उम्मीद अब मानसून की सक्रियता पर टिकी हुई है।

मानसून आया, लेकिन बारिश गायब! जून बना सबसे सूखा महीना, किसानों की बढ़ी चिंता">







