
छत्तीसगढ़ सरकार की जन-विरोधी कार्रवाई की सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य इकाई कड़ी निंदा करती है- तिलक पाण्डे
कोण्डागांव :— छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा नकटी गांव के पुरानी बसाहट के मकानों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को पूरी तरह जन-विरोधी और बेहद नींदनीय कृत्य बताने के साथ ही उक्त कार्रवाही की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी छत्तीसगढ़ राज्य इकाई द्वारा कड़ी निंदा किए होने की जानकारी को प्रेस विज्ञप्ति के जरीए प्रेस से साझा करते हुए सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड तिलक पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आमजनता के प्रतिनिधियों यानि विधायकों के निवास बनाने के नाम पर नकटी गांव के पुरानी बसाहट में कई सालों से निवासरत गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों को अचानक तोड़ दिया। वह भी बरसात के मौसम में, जिससे मकानों को ध्वस्त किए जाने से पीड़ित परिवारों के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा पूर्व सूचना दिए बिना, कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा या पुनर्वास का आश्वासन दिए बिना “अचानक मकानों को तोड़े जाने से सभी परिवारों के घरेलू सामग्रियां, राशन, कपड़े और अन्य जरूरी सारा सामान नष्ट हो गया है, जिससे गरीब परिवारों की पूरी जिंदगी अंधकार में डूब गई है। मकानों को तोड़ने के पूर्व वे न तो अपना सामान बचा पाए और न ही न्यायालय की शरण में जा पाएं। यह शासन की क्रूरता और संवेदनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है।”
सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य इकाई की मांगेंः-
छत्तीसगढ़ सरकार तुरंत प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, स्थायी आवास और पुनर्वास की व्यवस्था करे।
बरसात के मौसम में तोड़े गए मकानों के स्थान पर तत्काल पक्के मकान बनाए जाएं या किराया सहायता दी जाए।
घटना की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
भविष्य में किसी भी विकास कार्य के नाम पर बिना सूचना और पुनर्वास के किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जाए।
अंत में कामरेड तिलक पांडे ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा गरीबों, किसानों और मजदूरों के हक के लिए संघर्ष करती रहेगी। नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ पार्टी पूर्ण रूप से खड़ी है और उनकी न्यायपूर्ण मांगों को लेकर शासन पर दबाव बनाएगी।
वहीं प्रष्न उठाया कि आमजनता, विधायकों एवं सांसदों के रुप में अपना जनप्रतिनिधि चुनते क्यों हैं ? सत्तासीन होकर आमजनता को बेहतर षासन और प्रषासनिक व्यवस्था देने अथवा अपने स्वार्थ के लिए गरीबों को बेघर करने के लिए ? अब वक्त आ गया है कि आमजनता आत्मचिंतन करे, आमजनता इस विचार से चुप न बैठे कि केवल नकटी गांव के गरीबों को बेघर किया गया है, भारतीय जनता पार्टी नाम की जनता पार्टी है, उसे भारत के गरीब दुखी आम जनता के दुख तखलिफों से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा को केवल अपने पार्टी को मजबूत करने से मतलब है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है वर्श 2003 से 2018 तक छत्तीसगढ़ राज्य में सत्तासीन भाजपा के द्वारा सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा कार्यालयों के लिए बड़े-भवनों का निर्माण कर लेना। इलेक्टोरल बान्ड से हजारों करोड़ रुपए बटोर कर भारत देष में सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनना और भारत का संविधान व अन्य कानूनों के साथ मनमर्जी तरीके से खिलवाड़ करना। जिसका ही परिणाम है, नकटी गांव की नींदनीय घटना। यदि अब भी आमजनता नहीं जागा तो नकटी गांव जैसी घटनाएं अन्य गांवों में घटती नजर आएंगी।







