
खोंगसरा–टेंगनमाड़ा/खोंगसरा–टेंगनमाड़ा मार्ग के बीच स्थित सुखनाला के घने जंगल में मंगलवार को एक भालू का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जंगल में रहने वाले इस बेजुबान वन्यजीव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले भालू का शव देखा और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। अधिकारियों के अनुसार, भालू की मौत किन कारणों से हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में हिरण और तेंदुए की मौत की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अब भालू की मौत ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। लगातार वन्यजीवों की मौतें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर जंगल के बेजुबान जीव सुरक्षित क्यों नहीं हैं? क्या इसके पीछे प्राकृतिक कारण हैं, बीमारी, मानव हस्तक्षेप या कोई और वजह? इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें वन विभाग की जांच पर टिकी हैं। सवाल सिर्फ एक भालू की मौत का नहीं, बल्कि जंगल और उसमें बसने वाले बेजुबान जीवों की सुरक्षा का है।

जंगल का एक और प्रहरी खामोश… सुखनाला में भालू की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप हिरण, तेंदुए के बाद अब भालू की मौत, वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल">







