
वोट की सड़क पक्की, विकास की सड़क कच्ची! जोबाटोला-दरासागर मार्ग कब बनेगा हाईवे?”
MP-छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला अहम मार्ग बदहाली में, हजारों ग्रामीणों की जिंदगी और भविष्य इसी सड़क पर निर्भर
जोबाटोला (GPM) से खोंगसरा–कोंचरा–बेलगहना–दारसागर तक सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की मांग अब सिर्फ मांग नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी अंचल की बुलंद आवाज बनती जा रही है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग से हजारों ग्रामीण रोजाना शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और जरूरी कामकाज के लिए आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद सड़क की क्षमता और सुविधाएं क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप नहीं हो सकी हैं।
: “नेताओं की गाड़ियां तो सड़क पर दौड़ती रहेंगी, लेकिन जनता कब सुरक्षित दौड़ेगी?”
ग्रामीणों का सवाल सीधा है—आखिर इस महत्वपूर्ण मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा कब मिलेगा? सड़क का चौड़ीकरण कब होगा? मजबूतीकरण की ठोस योजना कब जमीन पर उतरेगी?
वर्षों से आदिवासी अंचल के लोगों को बेहतर सड़क की उम्मीद है, लेकिन उम्मीदों की यह सड़क अब सवालों के घेरे में है। जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि वे सिर्फ आश्वासन और कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि जोबाटोला से दारसागर तक पूरे मार्ग का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखें।
बड़ा सवाल : किसके कार्यकाल में बदलेगी इस सड़क की तस्वीर?
किस विधायक के कार्यकाल में यह सड़क चौड़ी होगी? किस सांसद के प्रयास से इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलेगा? और किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में यह आदिवासी अंचल बेहतर सड़क के जरिए विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ पाएगा?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सिर्फ आवागमन का माध्यम नहीं है। अच्छी सड़क का मतलब है बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा, मरीजों के लिए अस्पताल तक आसान पहुंच, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और व्यापारियों के लिए बाजार तक सुगम पहुंच।
जनता का सवाल
“जब वोट लेने गांव तक पहुंच सकते हैं, तो सड़क देखने के लिए दौरा क्यों नहीं?”
जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर इस मार्ग को प्राथमिकता दें। जोबाटोला से दारसागर तक सड़क चौड़ीकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग के दर्जे की दिशा में ठोस प्रस्ताव, सर्वे और समयबद्ध कार्रवाई शुरू की जाए।
सड़क बदलेगी तो तस्वीर बदलेगी
सड़क चौड़ीकरण = सुरक्षित आवागमन
बेहतर सड़क = स्वास्थ्य तक आसान पहुंच
बेहतर कनेक्टिविटी = शिक्षा और रोजगार के अवसर
मजबूत मार्ग = व्यापार को गति
राष्ट्रीय राजमार्ग = क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार
आदिवासी अंचल आखिर कब तक सिर्फ वादों के नक्शे पर विकास देखेगा?
अब जरूरत है घोषणा की नहीं, जमीन पर काम की।
जोबाटोला–खोंगसरा–कोंचरा–बेलगहना–दारसागर मार्ग को प्राथमिकता देकर चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग के दर्जे की दिशा में ठोस पहल की जाए।
“सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ी तो विकास की राह भी संकरी ही रहेगी!”
यह सिर्फ सड़क की मांग नहीं है—यह हजारों ग्रामीणों की सुरक्षा, सुविधा, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की मांग है।
जनप्रतिनिधियों से सीधा आग्रह
एक बार इस सड़क पर चलकर देखिए…
तस्वीर खुद बता देगी कि विकास कहां खड़ा है और जनता कितनी दूर चल रही है।
जोबाटोला से दारसागर तक आवाज उठाइए।
विधायक तक पहुंचाइए। सांसद तक पहुंचाइए।
जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाइए।
जब तक सड़क की आवाज सत्ता के दरवाजे तक न पहुंचे, तब तक सवाल पूछते रहिए।









