
करोड़ों का भवन तैयार, फिर भी पुराने जर्जर भवन में चल रहा कार्यालय;
नकल जैसी जरूरी सुविधा के लिए भी ग्रामीणों को लगाना पड़ रहा कोटा का चक्कर
बेलगहना:—- तहसील का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रवासियों ने सोचा था कि अब प्रशासनिक कामकाज के लिए कोटा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लेकिन वर्षों बाद भी तस्वीर नहीं बदली। नई तहसील भवन बनकर तैयार है, लेकिन कार्यालय अब भी पुराने भवन से संचालित हो रहा है। हालत यह है कि जिस भवन का जनता को लाभ मिलना चाहिए था, वह उपयोग के इंतजार में जर्जर होता जा रहा है।

भवन खड़ा है… व्यवस्था गायब है
नई तहसील भवन का निर्माण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं। इसके बावजूद लोकार्पण नहीं होने के कारण भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर पुराने भवन में कामकाज जारी है, जहां जगह और जरूरी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों व अधिवक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सवाल यह है कि जब भवन तैयार है तो आखिर उसे जनता के लिए खोला क्यों नहीं जा रहा? सरकारी धन से तैयार भवन को वर्षों तक बंद रखना आखिर किस व्यवस्था का हिस्सा है?
तहसील बनी, पर नकल के लिए भी कोटा!
बेलगहना को तहसील का दर्जा मिलने के बाद भी आम नागरिकों को कई छोटी-बड़ी प्रशासनिक जरूरतों के लिए कोटा जाना पड़ रहा है। नकल जैसी सामान्य और जरूरी नागरिक सुविधा भी बेलगहना में उपलब्ध नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
दूरदराज के ग्रामीणों के लिए एक छोटी-सी नकल निकलवाने का काम भी समय, किराए और परेशानी का कारण बन रहा है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर जरूरी सुविधाएं यहीं नहीं मिलेंगी तो तहसील गठन का फायदा आखिर किसे मिला?
विधायक बोले—कलेक्टर से बात कर समस्या का निराकरण कराएंगे
क्षेत्रवासियों और अधिवक्ताओं की मांग पर विधायक कोटा अटल श्रीवास्तव ने कहा कि वे इस मामले में कलेक्टर से बात कर समस्या का निराकरण कराने का प्रयास करेंगे। लोगों ने विधायक से मांग की है कि नई तहसील भवन का जल्द लोकार्पण कराने के साथ कार्यालय को वहां शिफ्ट कराया जाए और नकल सहित अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं बेलगहना में ही उपलब्ध कराई जाएं।
जनता का सीधा सवाल
जब तहसील का दर्जा मिल चुका है, भवन तैयार है और जनता सुविधा की हकदार है, तो फिर प्रशासनिक सुविधाएं देने में इतनी देरी क्यों?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर बेलगहना तहसील को पूर्ण सुविधाओं से लैस करना चाहिए। अब जनता को आश्वासन नहीं, सुविधाओं की तत्काल शुरुआत चाहिए।
तहसील का तमगा मिला, सुविधाओं का पता नहीं…
भवन तैयार फिर भी जनता पुराने दफ्तर में क्यों?
जनता पूछ रही 3 सवाल
01. नई तहसील भवन का वर्षों बाद भी लोकार्पण क्यों नहीं?
02. तैयार भवन का उपयोग नहीं तो सरकारी पैसा किस काम आया?
03. नकल जैसी सुविधा के लिए भी ग्रामीणों को कोटा क्यों जाना पड़े?

तहसील का दर्जा मिला, सुविधाएं अब भी कोटा के भरोसे!">







