
रतनपुर:—
भारतीय राजनीति के युगपुरुष, राष्ट्रनिर्माण के महान शिल्पी, ओजस्वी वक्ता और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा रतनपुर मंडल द्वारा नगर पालिका परिषद परिसर में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।इस अवसर पर कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
सभा का वातावरण राष्ट्रभक्ति और भावनाओं से परिपूर्ण था। कार्यकर्ताओं ने अटल जी के जीवन मूल्य, उनकी राजनीति में मर्यादा और दूरदर्शी नेतृत्व को प्रेरणास्त्रोत बताया।
वक्ताओं ने व्यक्त किए भाव
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा एवं अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रतनपुर श्री लवकुश कश्यप जी ने अपने उद्बोधन में कहा –
> “अटल जी केवल एक नेता नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की शुद्धता, शालीनता और संवेदनशीलता के प्रतीक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन उन्हीं की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसे हम कभी भुला नहीं सकते।”
जिला उपाध्यक्ष भाजपा ग्रामीण बिलासपुर तिरिथ राम यादव ने अटल जी को याद करते हुए कहा –
> “उनकी कविताएं, भाषण और निर्णय आज भी हर कार्यकर्ता को नई ऊर्जा और विचार देते हैं।”
भाजपा रतनपुर मंडल अध्यक्ष श्री दुर्गा उर्फ बबलू कश्यप ने कहा –
> “आज की पीढ़ी को अटल के जीवन से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।”
कार्यकर्ताओं की रही विशेष उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारीगण मौजूद रहे, जिनमें सुरेश सोनी, घनश्याम रात्रे, बीनू निराला, ज्वाला कौशिक, प्रशांत यादव, सावित्री रात्रे, प्रेमलता तंबोली, ज्ञानेंद्र कश्यप, मुकेश यादव, कुश कहरा, हीरा सिंह मरावी, सूरज कश्यप, इंदु यादव, शंकर राव, विजय कश्यप, संजय यादव, संदीप राव, शांतिलाल यादव, उमाशंकर पाव प्रमुख रूप से सम्मिलित थे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया और सभी कार्यकर्ताओं ने अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
अटल के शब्दों में –
“छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।”
इन पंक्तियों ने जैसे पूरे माहौल को भावविभोर कर दिया। भाजपा रतनपुर मंडल की यह श्रद्धांजलि सभा न सिर्फ स्मरण थी, बल्कि एक विचार यात्रा थी जो अटल के आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का माध्यम बनी।









