
“जहाँ व्यवस्था थम जाए, वहाँ जागरूक नागरिक बदलाव की शुरुआत करता है।”
बेलगहना के अरपा पुल पर जलभराव की शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुँची, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
गांव के युवा सचिन मांझी ने खुद फावड़ा उठाकर पुल पर जमे पानी की निकासी कर दी।
सोशल मीडिया और क्षेत्र में युवक की पहल की हो रही सराहना, प्रशासन पर उठे सवाल।
बेलगहना :—
“एक तरफ शिकायतों के समाधान के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ जमीन पर हकीकत।” बेलगहना के अरपा पुल पर लंबे समय से जमा पानी को हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार लगाई। मामला सीएम हेल्पलाइन तक भी पहुंचा, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के युवा सचिन मांझी ने खुद फावड़ा उठा लिया।
सचिन ने पुल पर जमा मिट्टी और गाद को हटाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाया। देखते ही देखते पुल पर जमा पानी बहने लगा। इस पहल का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद क्षेत्र में सचिन की खूब सराहना हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर प्रशासन कार्रवाई कर देता तो किसी नागरिक को यह जिम्मेदारी अपने हाथ में नहीं लेनी पड़ती। लोगों ने सवाल उठाया कि “जब सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिला, तो फिर ऐसी व्यवस्था का आम जनता को क्या लाभ?”
ग्रामीणों ने सचिन मांझी की तुलना दशरथ मांझी से करते हुए कहा कि जिस तरह दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था, उसी तरह सचिन ने फावड़ा चलाकर अरपा पुल की समस्या दूर करने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने का उदाहरण है।
| बड़ा सवाल
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
शिकायत के बावजूद मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं।
आखिर जिम्मेदार विभाग ने समस्या को गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
क्या अब भी संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
समस्या: पुल पर जलभराव
शिकायत: सीएम हेल्पलाइन में दर्ज
कार्रवाई: प्रशासन निष्क्रिय, युवक ने स्वयं फावड़ा चलाकर निकासी की
“जब सिस्टम सो जाता है, तब समाज का जागरूक नागरिक ही बदलाव का रास्ता बनाता है। बेलगहना के सचिन मांझी ने यही संदेश दिया है।”








