
बिलासपुर में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से दो दिवसीय संभागस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। राज्य सूचना आयोग के निर्देश पर संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के सभी आठ जिलों से 40 अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के पहले दिन अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रमुख धाराओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं दूसरे दिन आरटीआई आवेदनों के ऑनलाइन निराकरण, केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों तथा अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। एसएलएमटी और डीएलएमटी के प्रशिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने-अपने जिले और विकासखंड स्तर पर भी इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला में उपायुक्त डॉ. स्मृति तिवारी, हरिशंकर चौहान, डॉ. आराध्या कुशवाह और लेखाधिकारी सुजाता पाण्डेय ने आरटीआई आवेदनों के निराकरण में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान से जुड़े अनुभव साझा किए।
समापन समारोह में संभागायुक्त सुनील जैन ने पूरे संभाग में व्यापक स्तर पर आरटीआई प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है तथा इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है।

आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभागस्तरीय कार्यशाला सम्पन्न, पारदर्शिता और सुशासन पर जोर">







