
बिलासपुर वन मंडल के रतनपुर परिक्षेत्र अंतर्गत बानाबेल सर्किल के बीट-पूर्व छतौना संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 2548 में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई, लकड़ी जलाने और शासकीय वनभूमि पर कब्जा करने के मामले में वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को 13 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक 13 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की जमानत याचिका भी न्यायालय ने खारिज कर दी।
वनभूमि पर लगातार बढ़ रहा था कब्जा
वन विभाग के अनुसार 12 जुलाई 2026 को आरोपियों द्वारा शासकीय वन क्षेत्र में साल, साजा सहित अन्य मूल्यवान प्रजातियों के वनउपज की अवैध कटाई-छंटाई कर उसे ठूंठों में आग लगाकर जलाया गया था। इसके बाद जुताई कर शासकीय वनभूमि पर अवैध कब्जा किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के खिलाफ पीओआर दर्ज किया गया था।
वन्यजीवों के आवास और जैव विविधता को नुकसान
विभाग के मुताबिक आरोपियों को कई बार समझाइश देने के बावजूद अवैध कटाई और वनभूमि पर कब्जे का सिलसिला जारी रहा। इससे वन्यप्राणियों के रहवास स्थल, मिट्टी के क्षरण और जैव विविधता को नुकसान पहुंचने के साथ शासकीय संपत्ति को भी क्षति पहुंचाई जा रही थी।
ये चार आरोपी भेजे गए जेल
जगतराम टोप्पो, पिता निरंजन टोप्पो, उम्र 32 वर्ष
सुखराम टोप्पो, पिता निरंजन टोप्पो, उम्र 30 वर्ष
मदनदेव लकड़ा, पिता रूंगाराम, उम्र 46 वर्ष
सहदेव लकड़ा, पिता रूंगाराम, उम्र 49 वर्ष
सभी आरोपी ग्राम बंगला भांटा, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं।

इन धाराओं के तहत कार्रवाई
मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1) सहित भारतीय वन (छत्तीसगढ़ संशोधन) अधिनियम, वन (संरक्षण) अधिनियम 1980, जैव विविधता अधिनियम 2002 तथा लोक संपत्ति को नुकसान से संबंधित अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
“जंगल पर कब्जे की कोशिश पड़ी भारी, चार आरोपी पहुंचे जेल”







