
कोरबा :—हरदी बाजार क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग मुस्कान चौहान की आत्महत्या का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में है। परिजनों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर मुस्कान को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 24 जुलाई को आत्महत्या कर ली।
मामले को लेकर सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में पीड़ित परिवार के आरोपों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 21 और 22 जुलाई को मुस्कान और उसके माता-पिता शिकायत लेकर हरदी बाजार थाना पहुंचे थे। आरोप है कि उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों ने सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करने और मानसिक प्रताड़ना के लिए निखिल कंवर तथा उसके परिजनों पर आरोप लगाए हैं। महासंघ ने पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच, मोबाइल फोन जब्ती, FSL जांच, CDR और सोशल मीडिया गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण कराने की मांग की है।
इसके साथ ही 21 और 22 जुलाई को थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। थाना परिसर की CCTV फुटेज और रोजनामचा सुरक्षित रखकर जांच में शामिल करने तथा निष्पक्ष जांच के लिए SIT गठित करने की मांग भी पत्र में रखी गई है।
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण महासंघ ने POCSO एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।
अब पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक कोरबा की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि शिकायत के संबंध में वास्तव में क्या कार्रवाई हुई थी और नाबालिग की मौत से जुड़े आरोपों में कौन-कौन जिम्मेदार है। निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।








