
रतनपुर… बाबू प्यारेलाल गुप्त सृजन पीठ, रतनपुर द्वारा आयोजित आंचलिक कवि सम्मेलन में सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर के कक्षा 11वीं के छात्र सर्वज्ञ श्रीवास्तव ने अपनी ओजस्वी कविता पाठ से उपस्थित श्रोताओं और विद्वजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय बल्कि पूरा नगर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
सर्वज्ञ श्रीवास्तव बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वे अध्ययन में मेधावी होने के साथ-साथ मंच संचालन, भाषण कला और चित्रकला में भी अत्यंत निपुण हैं। बचपन से ही विविध प्रतिभाओं से संपन्न सर्वज्ञ आज के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। उनका यह प्रयास दर्शाता है कि यदि युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिले, तो वे सही दिशा में अपनी ऊर्जा लगाकर रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में बिलासपुर के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंच पर डॉ. विजय गुप्ता, रमेश सोनी, संस्कार भारती बिलासपुर जिला के कार्यकारी अध्यक्ष शुकदेव कश्यप, दिनेश पांडे,अनिल शर्मा,राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित लोककलाकार काशीराम साहू तथा जनक राम साहू रामानंद यादव रामेश्वर शांडिल्य प्रमोद कश्यप प्रसून नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहास में बृजेश श्रीवास्तव वरिष्ठ कवित्री श्रीमती पुष्पा तिवारी सहित नगर के कई मूर्धन्य कवि उपस्थित रहे।
सर्वज्ञ के उत्कृष्ट काव्य पाठ से प्रसन्न होकर संस्कार भारती बिलासपुर के कार्यकारी अध्यक्ष शुकदेव कश्यप ने उन्हें शॉल, श्रीफल, कलम तथा 200 रुपये की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। नगरवासियों का मानना है कि यह पहली बार है जब 11वीं कक्षा स्तर का कोई छात्र साहित्य के क्षेत्र में इतनी गहरी रुचि लेकर मंच पर उतरा है। यह उपलब्धि आने वाले समय में नगर को प्रांतीय व राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
सर्वज्ञ अपनी इस साहित्यिक रुचि का श्रेय अपने ताऊ जी(बड़े पिताजी) बृजेश श्रीवास्तव को देते हैं, जो रतनपुर के जाने-माने ग़ज़लकार एवं साहित्यकार हैं। सर्वज्ञ बचपन से ही उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानकर साहित्य साधना में लीन हैं।
सर्वज्ञ की इस गौरवमयी उपलब्धि पर विद्यालय के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल, व्यवस्थापक डॉ. सुनील जायसवाल, सह-व्यवस्थापक सुरेश सोनी, उनके पिता मुकेश श्रीवास्तव एवं माता श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती वंदना श्रीवास्तव, श्रीमती वात्सल्य श्रीवास्तव,श्रीमती वनिता श्रीवास्तव,,ने अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

साहित्य के क्षेत्र में उभरता एक नया सितारा: सर्वज्ञ श्रीवास्तव के काव्य पाठ ने बटोरी खूब वाहवाही">







