ब्यूरो रिपोर्ट समय न्यूज़ लाइव
50 साइबर अपराध की शिकायतों में करीब 4 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा, 25 दिनों में एक खाते से हुआ ₹2.20 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन
बिलासपुर:— बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने साइबर वित्तीय अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है।
जांच के दौरान छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित ‘अजय फार्म हाउस’ नामक खाते में महज 25 दिनों के भीतर, 18 मई से 12 जून 2026 के बीच, ₹2,20,68,443 की संदिग्ध राशि का लेन-देन पाया गया। बैंक रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, तकनीकी साक्ष्य और बैंकिंग लेन-देन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराध से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। खातों के साथ मोबाइल, सिम और बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती थीं। इसके बदले आरोपियों को कमीशन मिलता था। जांच में बैंक खाते उपलब्ध कराने से लेकर उनमें आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर ऑनलाइन गतिविधियों में इस्तेमाल करने तक अलग-अलग आरोपियों की भूमिका सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार सोनी (36), अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू (49), भास्कर कश्यप (42), नरेन्द्र कुर्रे (35), आशीष तिवारी (36) और देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन (26) शामिल हैं। इनमें अजय कुमार सोनी के खाते के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें मिलीं, जबकि भास्कर कश्यप के खाते से संबंधित 24 शिकायतें सामने आईं।
इसी तरह नरेन्द्र कुर्रे के खाते से संबंधित 2 तथा आशीष तिवारी के खाते से संबंधित 3 साइबर अपराध शिकायतें मिली हैं। पुलिस के अनुसार इन सभी शिकायतों को मिलाकर विभिन्न राज्यों से कुल 50 शिकायतें सामने आई हैं। मामले में साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि कमीशन के लालच में बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराना भी साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है। बिलासपुर रेंज साइबर थाना की टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों तक पहुंचने के लिए तकनीकी एवं बैंकिंग साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह तथा नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक सहित साइबर थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









