
नारायणपुर,(जेएनवी), नारायणपुर के सभागार में 28वीं युवा संसद प्रतियोगिता का भव्य, अनुशासित एवं वैचारिक रूप से समृद्ध आयोजन संपन्न हुआ। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था ‘संसद’ की कार्यप्रणाली का हूबहू जीवंत मंचन कर उपस्थित जनसमूह और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सदन के भीतर पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी किंतु मर्यादित बहसों ने यह साबित कर दिया कि आदिवासी अंचल के इन भावी कर्णधारों में देश और समाज के मुद्दों की गहरी समझ मौजूद है।
अतिथियों का पारंपारिक अभिनंदन एवं स्वागत
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं राज्य लघु वनोपज बोर्ड के अध्यक्ष रूपसाय सलाम रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र बघेल, सांसद प्रतिनिधि मंगऊ राम कावड़े तथा भाजयुमो जिला अध्यक्ष जैकी कश्यप की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य के. कमलापदम द्वारा वरिष्ठतम शिक्षक महिपाल सिंह की उपस्थिति में अतिथियों के औपचारिक अभिनंदन से हुआ। प्राचार्य महोदय ने सभी गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और अपने स्वागत संबोधन में नवोदय विद्यालय की समग्र शिक्षण परंपरा तथा नेतृत्व विकास की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम के प्रभारी शिक्षक अनुपम शुक्ल ने युवा संसद के उद्देश्यों, पृष्ठभूमि और महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की संसदीय व्यवस्था ने देश की राजनीति को परिपक्वता और सकारात्मक दिशा प्रदान की है। शुक्ल ने रेखांकित किया कि 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की असली शक्ति आज के युवाओं की दूरदर्शी और तार्किक सोच में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संविधान के मूल्यों और स्वस्थ वाद-विवाद की संस्कृति को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
सदन में गूंजे बस्तर, रेल विस्तार और जनसरोकार के मुद्दे :
संसदीय सत्र की शुरुआत होते ही पूरा सभागार विधायी गरिमा और उत्साह से भर उठा। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान विद्यार्थियों ने नारायणपुर, बस्तर संभाग और देश के सुदूर आदिवासी अंचलों की वास्तविक समस्याओं को सदन के पटल पर प्रखरता से रखा।
• स्थानीय व राष्ट्रीय सरोकार: विद्यार्थियों ने सुदूर वनांचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, बहुप्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन विस्तार तथा नक्सल उन्मूलन व सुरक्षा से जुड़े ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अति-संवेदनशील एवं विकासात्मक विषयों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रमुख भूमिकाओं में विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
◦ सदन की अध्यक्षा (स्पीकर): यशस्वी सोनसर्वे ने पूर्ण निष्पक्षता, गरिमा और अधिकार के साथ सदन की कार्यवाही का संचालन किया। व्यवधान के क्षणों में उनकी शांति व्यवस्था बनाए रखने की शैली ने सभी को प्रभावित किया।
◦ प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री की भूमिका में गीत नाग ने सरकारी नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास के विजन का बेहद तार्किक एवं आत्मविश्वास से भरा बचाव प्रस्तुत किया।
◦ नेता प्रतिपक्ष: त्रियांशी नेताम ने एक सजग विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया और धारदार तर्कों से सदन को झकझोरा।
◦ गृहमंत्री: गृहमंत्री के रूप में फाल्गुनी ने आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मुद्दों पर सरकार का पक्ष पूरी दृढ़ता एवं स्पष्टता से रखा।
अतिथियों की सराहना और उत्साहवर्धन
सदन की कार्यवाही देखकर मुख्य अतिथि रूपसाय सलाम अभिभूत नजर आए। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों में इतनी परिपक्व समझ, वाकपटुता और संसदीय नियमों का ज्ञान देखकर यह विश्वास दृढ़ होता है कि देश और बस्तर का भविष्य अत्यंत सुरक्षित और उज्ज्वल हाथों में है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रशासन व कार्यक्रम प्रभारी की पीठ थपथपाई।
विशिष्ट अतिथियों— नारायण मरकाम, इंद्र बघेल, मंगऊ राम कावड़े एवं जैकी कश्यप ने भी प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, तथ्यपरक प्रस्तुति और मंच संचालन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
समारोह के समापन पर सदन में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान के साथ 28वीं युवा संसद का यह प्रेरणादायी सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।








