
एनएसयूआई ने नेता प्रतिपक्ष को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग तेज
बिलासपुर…:–बिलासपुर में संचालित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल और उसकी विभिन्न शाखाओं को लेकर अब सियासत गरमा गई है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी और पूर्व सचिव सोहराब खान ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant को सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्कूल संचालन में शिक्षा संबंधी नियमों और वित्तीय पारदर्शिता का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही विद्यालय भवनों के लीज संचालन, शुल्क राशि के केंद्रीकरण, स्थानीय जवाबदेही की कमी और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

एनएसयूआई का कहना है कि यदि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता की जा रही है, तो यह सीधे तौर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि यह मुद्दा अब विधानसभा तक पहुंचेगा और छात्रों के हित में उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मामले को गंभीर बताते हुए उचित स्तर पर कार्रवाई के लिए विषय उठाने का आश्वासन दिया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजेगा नारायणा ई-टेक्नो स्कूल का मामला!">








