
विश्व आदिवासी दिवस पर विधायक अटल श्रीवास्तव की बड़ी घोषणा : चंगोरी में सर्व आदिवासी समाज भवन के लिए 50 लाख रुपए
“आदिवासी संस्कृति बचेगी, तो छत्तीसगढ़ की पहचान और मजबूत होगी”
जल-जंगल-जमीन के रखवालों को सम्मान, आदिवासी समाज को विकास की नई पहचान”
अन्य आकर्षक विकल्प
“आदिवासी संस्कृति का मान, विकास के साथ बढ़ता सम्मान”
“परंपरा की विरासत, विकास की सौगात—आदिवासी समाज के साथ अटल का हाथ”
“आदिवासी गौरव का सम्मान, चार भवनों से विकास को नई उड़ान”
“जल, जंगल, जमीन की पहचान—आदिवासी समाज का बढ़े सम्मान”
“संस्कृति की जड़ें मजबूत, विकास की राह होगी और मजबूत”
“आदिवासी विरासत का गौरव, विकास के संकल्प का नया अध्याय”
“समाज को भवन की सौगात, संस्कृति को मिलेगा स्थायी सम्मान”
“परंपरा भी सुरक्षित, विकास भी सुनिश्चित”
बिलासपुर/कोटा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कोटा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज को बड़ी सौगात मिली। करगीकला में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधायक निधि से चार आदिवासी भवनों के निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा की। वहीं सर्व आदिवासी समाज की मांग पर ग्राम चंगोरी में वृहद आदिवासी सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की गई।

इन चार स्थानों पर बनेंगे आदिवासी भवन
विधायक निधि से ग्राम नगचुवा, बानाबेल, खरगहनी और कोटा नगर के वार्ड क्रमांक-8 में आदिवासी समाज के लिए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। भवन बनने से समाज के लोगों को सामाजिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामुदायिक आयोजनों और अन्य गतिविधियों के लिए स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
“आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन का वास्तविक रखवाला”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन के वास्तविक रखवाले हैं। छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन से है। आदिवासी समाज ने सदियों से प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं प्रदेश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। समाज को सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।
विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व
विधायक ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण केवल आदिवासी समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयासों से समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ आने वाली पीढ़ियों तक आदिवासी विरासत और गौरव पहुंचाने में मदद मिलेगी।
चार आदिवासी भवनों की स्वीकृति और चंगोरी में 50 लाख रुपए की घोषणा पर संबंधित ग्रामों तथा कोटा नगर के आदिवासी समाज के लोगों ने विधायक अटल श्रीवास्तव का आभार जताया और इस पहल का स्वागत किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सूरज, साधेलाल भारद्वाज, अरुण त्रिवेदी, राजू सिदार, रजनी, पिंटू मरकाम, प्रभु जगत, निरंजन पैकरा, लखन पैकरा, मनोहर ध्रुव, लतेल सिंह, बालाराम आर्मो, गोपाल सिंह, भन्नू सिंह, भानु, धनसिंह आर्मो, धनुलाल, राजेंद्र पालके, लक्ष्मीन बिंझवार, किरण, महेश कर्मकार, जयराज दीक्षित, संजू दीक्षित, बाबा सोनी, भास्कर साहू एवं परमेश्वर मिरी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

जल-जंगल-जमीन के रखवालों को सम्मान, चार आदिवासी भवनों की सौगात">







