
छत्तीसगढ़ से कुश्ती के लिए चयनित दो छात्राओं में दोनों रतनपुर की, कोच सागर धीवर एवं प्रमोद धीवर के मार्गदर्शन में हासिल की बड़ी उपलब्धि
रतनपुर….स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय रतनपुर की दो होनहार छात्राओं ने कुश्ती के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर रतनपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। विद्यालय की प्रतिभाशाली पहलवान सुभद्रा यादव और अस्मिता का भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की कुश्ती चयन प्रक्रिया में चयन हुआ है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ से इस खेल के लिए चयनित दो छात्राओं में दोनों ही रतनपुर की हैं।भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा खेल प्रतिभाओं की पहचान और चयन के लिए उच्च स्तरीय ट्रायल, ग्राउंड टेस्ट एवं स्किल टेस्ट आयोजित किए जाते हैं। इसी चयन प्रक्रिया में सुभद्रा और अस्मिता ने अपनी प्रतिभा, फिटनेस और कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए स्थान बनाया।
मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण से मिली सफलता
कुश्ती जैसे कठिन और अनुशासनपूर्ण खेल में दोनों छात्राओं ने लगातार मेहनत और नियमित अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्हें लंबे समय से कुश्ती प्रशिक्षक सागर धीवर एवं प्रमोद धीवर द्वारा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास को लगातार मजबूत किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब SAI की चयन प्रक्रिया में उनका चयन हुआ है।
सुभद्रा ने राज्य स्तर पर भी रचा इतिहास
सुभद्रा यादव इससे पहले भी कुश्ती के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। पिछले वर्ष उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की महिला वर्ग की प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल प्राप्त किया था। उनकी यह उपलब्धि महिला कुश्ती के क्षेत्र में रतनपुर के लिए विशेष गौरव का विषय बनी थी।
अब SAI की चयन प्रक्रिया में सुभद्रा और अस्मिता के चयन ने रतनपुर की कुश्ती प्रतिभा को एक नई पहचान दिलाई है।
चयन के बाद मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
SAI में चयनित खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें निःशुल्क हॉस्टल, भोजन, शिक्षा, उच्च स्तरीय कोचिंग, मेडिकल सुविधा एवं बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। दोनों खिलाड़ियों को लखनऊ स्थित SAI सेंटर में रहकर उच्च स्तरीय कुश्ती प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।
विद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं
दोनों खिलाड़ियों की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य शरण जीत बग्गा ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने दोनों छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रविन्द्र दुबे ने भी सुभद्रा और अस्मिता को बधाई देते हुए कहा कि रतनपुर की बेटियों का SAI जैसी प्रतिष्ठित खेल संस्था की चयन प्रक्रिया में स्थान बनाना पूरे नगर के लिए गौरव की बात है।
इस अवसर पर प्राचार्य शरण जीत बग्गा, विद्यालय स्टाफ से सुशीला मौर्य, वर्षा मनु, मनोज यादव, कोच सागर धीवर, गिरिजा बंद अखाड़ा कुश्ती संघ के अध्यक्ष शंकर राव मराठा, नगर पालिका रतनपुर की पार्षद इंदु यादव एवं पावनी यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
गिरिजा बंद अखाड़ा और नगरवासियों में खुशी
सुभद्रा और अस्मिता की सफलता से गिरिजा बंद अखाड़ा सहित रतनपुर के खेलप्रेमियों में भी खुशी का माहौल है। अखाड़े के संरक्षक महंत तारकेश्वर पुरी एवं कुश्ती संघ के अध्यक्ष शंकर राव मराठा सहित प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
नगर के खेलप्रेमियों और गणमान्य नागरिकों ने भी कहा कि रतनपुर की बेटियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे नगर का गौरव बढ़ाया है। लोगों ने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ी आने वाले समय में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रतनपुर एवं छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी।
बेटियों की सफलता से बढ़ेगा खेलों के प्रति उत्साह
सुभद्रा और अस्मिता का SAI की चयन प्रक्रिया में चयन रतनपुर में कुश्ती सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। खासकर बालिकाओं में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने में यह सफलता प्रेरणादायक साबित हो सकती है।
रतनपुर की इन होनहार बेटियों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन मिले तो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली बेटियां भी देश के बड़े खेल मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

रतनपुर की बेटियों ने बढ़ाया मान, SAI की कुश्ती चयन प्रक्रिया में सुभद्रा और अस्मिता का चयन">







