
चार डॉक्टरों ने 85 मिनट तक किया पोस्टमार्टम, FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार
पोस्टमार्टम में सर्जरी और एनेस्थीसिया के साक्ष्य, मौत का कारण जांच रिपोर्ट पर निर्भर
रतनपुर…रतनपुर के मातृका नर्सिंग होम में बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिक गया है। सिम्स बिलासपुर के चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने करीब 85 मिनट तक पोस्टमार्टम किया, लेकिन मौत का निश्चित कारण स्पष्ट नहीं हो सका। चिकित्सकों ने विसरा की FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट आने तक मृत्यु का कारण लंबित रखा है।
मृतक का बेटा
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिला की हालत
मामला ग्राम नवागांव, मोहदा निवासी 50 वर्षीय कुमारी बाई साहू की मौत से जुड़ा है। परिजनों के मुताबिक 6 जून 2026 को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए उन्हें रतनपुर स्थित मातृका नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 2:30 बजे महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। इसके कुछ समय बाद परिजनों को महिला का ब्लड प्रेशर कम होने की जानकारी दी गई और उन्हें बिलासपुर सिम्स रेफर करने की बात कही गई।
सिम्स पहुंचने पर मृत बताए जाने का दावा
मृतका के बेटे मुकेश साहू का आरोप है कि उनकी मां की मौत मातृका नर्सिंग होम में ही हो चुकी थी। उनके मुताबिक अस्पताल की एम्बुलेंस से महिला को सिम्स बिलासपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें पहले से मृत बताया।हालांकि महिला की मृत्यु का वास्तविक समय और स्थान क्या था, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट अकेले तय नहीं करती। इसके लिए अस्पताल के उपचार रिकॉर्ड, रेफरल दस्तावेज, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है।
मृतक
चार विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया पोस्टमार्टम
महिला की मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सिम्स बिलासपुर में चार सदस्यीय चिकित्सकीय टीम ने पोस्टमार्टम किया।शव परीक्षा प्रतिवेदन के मुताबिक 7 जून 2026 को दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर पोस्टमार्टम शुरू हुआ और 2 बजकर 30 मिनट तक चला। यानी करीब 85 मिनट तक शव का परीक्षण किया गया।टीम में एनेस्थिसियोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, पैथोलॉजी तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल थे।
पोस्टमार्टम में सर्जरी और एनेस्थीसिया के साक्ष्य
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से संबंधित कई तथ्य दर्ज किए गए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक मुंह के दाहिने हिस्से में एंडोट्रेकियल ट्यूब, शरीर में फोली कैथेटर और बाईं कलाई में कैनुला लगा मिला। योनि मार्ग में खून से सना हुआ गॉज पीस भी पाया गया।रिपोर्ट में सर्जिकल और एनेस्थेटिक हस्तक्षेप के साक्ष्य का उल्लेख है। हालांकि इन साक्ष्यों के आधार पर चिकित्सकों ने अभी चिकित्सकीय लापरवाही या मौत का कारण निर्धारित नहीं किया है।
मौत का कारण FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट पर लंबित
पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों ने मृत्यु का निश्चित कारण तत्काल नहीं बताया।मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा को FSL जांच के लिए सुरक्षित किया गया है, जबकि ऊतकों की हिस्टोपैथोलॉजी जांच भी लंबित है।
इन दोनों रिपोर्टों के निष्कर्षों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेजों के साथ मिलाकर मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
बेटे ने 38 हजार रुपये में इलाज तय होने की बात कही
मृतका के बेटे मुकेश साहू ने 21 जुलाई 2026 को बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी।
शिकायत के मुताबिक बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए मातृका नर्सिंग होम में इलाज 38 हजार रुपये में तय हुआ था और 15 हजार रुपये जमा किए गए थे।
मुकेश के अनुसार उनकी मां को 6 जून की सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सरकारी डॉक्टर पर निजी अस्पताल में ऑपरेशन का आरोप
शिकायत में रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. नेहुल झा पर निजी अस्पताल में ऑपरेशन और इलाज करने का आरोप लगाया गया है।परिजनों ने इस संबंध में डॉक्टर की सरकारी सेवा के साथ निजी नर्सिंग होम में भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि इस आरोप की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, निजी अस्पताल के दस्तावेज, अनुमति और ड्यूटी संबंधी जानकारी की जांच जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
मृतका के बेटे का कहना है कि महिला की मौत की सूचना 6 जून को ही रतनपुर थाने में दी गई थी।
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद अस्पताल संचालक, डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 21 जुलाई को एसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई।हालांकि पुलिस की ओर से मामले में अब तक की गई जांच या कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
अब जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी
इस मामले में जांच के दौरान कई सवालों का जवाब सामने आना बाकी है—
ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत कब और क्यों बिगड़ी?
एनेस्थीसिया के दौरान कोई जटिलता हुई थी या नहीं?
ब्लड प्रेशर कम होने के बाद क्या उपचार दिया गया?
महिला को सिम्स रेफर करते समय उसकी वास्तविक स्थिति क्या थी?
अस्पताल के ऑपरेशन और उपचार रिकॉर्ड में क्या दर्ज है?
सरकारी सेवा में पदस्थ डॉक्टर की निजी अस्पताल में भूमिका क्या थी?
FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में क्या सामने आता है?
फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्जरी और एनेस्थीसिया संबंधी हस्तक्षेप के साक्ष्य दर्ज हैं, लेकिन मृत्यु का निश्चित कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।इसी तरह उपलब्ध जानकारी के आधार पर चिकित्सकीय लापरवाही का निष्कर्ष निकालना भी संभव नहीं है। मामले में FSL रिपोर्ट,हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट, अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड और पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।मातृका नर्सिंग होम प्रबंधन, डॉ. नेहुल झा और रतनपुर पुलिस का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।









