
*गरियाबंद*:- मौसम में अचानक हो रहे बदलाव और बारिश, तेज हवाओं तथा गरज-चमक की आशंका को देखते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष दीपक साहू ने जिलेवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम का असर केवल जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि खेती-किसानी, पशुधन और बेजुबान जीव-जंतुओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में सभी को जिम्मेदारी के साथ सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
दीपक साहू ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल और अन्य कृषि उपज को सुरक्षित, ढके हुए स्थान पर रखें, ताकि बारिश से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। मौसम खराब रहने के दौरान कृषि कार्य करते समय सावधानी बरतें और तेज हवा तथा बारिश की स्थिति में खुले खेतों में काम करने से बचें।
उन्होंने पशुपालकों से भी आग्रह किया कि वे गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पालतू पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। पशुओं को खुले मैदान, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा कमजोर पेड़ों या दीवारों के आसपास बांधने से बचें। चारा और पशु आहार को भी सुरक्षित स्थान पर रखें।
बेजुबान जीव-जंतुओं की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी
दीपक साहू ने कहा कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान पक्षियों तथा अन्य बेजुबान जीव-जंतुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोग अपने आसपास के जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। संभव हो तो उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने में सहयोग करें। पक्षियों के घोंसलों को नुकसान न पहुंचाएं तथा घायल पशु-पक्षी दिखाई देने पर स्थानीय पशु चिकित्सा विभाग या संबंधित सहायता केंद्र को सूचना दें।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के खंभों, तारों, जर्जर भवनों और कमजोर दीवारों से दूरी बनाए रखें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सावधानी और जागरूकता से कम किया जा सकता है नुकसान
दीपक साहू ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहना भी हम सभी का कर्तव्य है। थोड़ी-सी सतर्कता और समय पर किए गए जरूरी उपायों से फसलों, पशुधन और जनजीवन को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि बदलते मौसम को गंभीरता से लें, स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार, किसानों, पशुपालकों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

बदलते मौसम में सतर्क रहें, फसल और बेजुबान जीव-जंतुओं की सुरक्षा का रखें ध्यान : दीपक साहू">







