
आश्रम में प्रकाश व्यवस्था के लिए 10 सोलर लाइट एवं विज्ञान अध्ययन हेतु माइक्रोस्कोप प्रदान किया, बच्चों को वितरित की शिक्षण एवं खेल सामग्री
नारायणपुर,:— कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में संचालित पीड़ियाकोट आश्रम का खनिज अधिकारी दालेश्वर यदु द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में अध्ययनरत एवं निवासरत बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, आवासीय व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम अधीक्षक से बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य, पोषण एवं दैनिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान खनिज अधिकारी यदु ने दुर्गम क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वप्रेरणा से आश्रम के लिए 10 नग सोलर लाइट प्रदान कीं। उन्होंने सोलर लाइट आश्रम अधीक्षक को सुपुर्द करते हुए इनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सोलर लाइट उपलब्ध होने से आश्रम परिसर में प्रकाश व्यवस्था बेहतर होगी तथा विद्यार्थियों को विशेष रूप से शाम एवं रात्रि के समय अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी।
विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए माइक्रोस्कोप प्रदान किया
आश्रम में अध्ययनरत विद्यार्थियों की विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाने एवं प्रायोगिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खनिज अधिकारी द्वारा सीडी स्पेक्ट्रोस्कोपी माइक्रोस्कोप भी प्रदान किया गया। इस उपकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रयोगों एवं सूक्ष्म संरचनाओं के अध्ययन का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ विज्ञान की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने में सहायता मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान खनिज अधिकारी ने आश्रम के बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा शैक्षणिक एवं खेलकूद गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बच्चों को शिक्षण सामग्री, खेलकूद सामग्री एवं अन्य उपहार भी वितरित किए गए। उपहार एवं आवश्यक सामग्री प्राप्त कर बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
खनिज अधिकारी दालेश्वर यदु ने आश्रम अधीक्षक एवं संबंधित कर्मचारियों को बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, साफ-सफाई तथा सुरक्षित आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रम में निवासरत प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में संचालित आश्रमों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।








