बिलासपुर जिले के क्षेत्र टेंगनमाडा की सड़क काफी जर्जर हो गई है।
सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। अब बरसात का सीजन होने के कारण इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। सड़क की इस स्थिति से नागरिक नाराज हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद भी सड़क नहीं सुधर पाई है। स्थाई ग्रामीणों का कहना है की गलती किसकी प्रशासन की या ग्रामीणों की जो की बार-बार प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं |
बिलासपुर जिले के टेंगनमाडा में सड़कों की जाल बिछा कर विकास के दावे किए जा रहे हैं। गांव-गांव में आवागमन के लिए सड़कें बनाई जा रहीं हैं। पर देखरेख के अभाव एवं गुणवत्ता में कमी के चलते ये सड़कें समय से पहले ही जर्जर हो रहीं हैं और अब ये जनता के लिए परेशानी बनकर आए उभर आए हैं | यह सड़क आए दिन दुर्घटना को आमंत्रित करते रहती हैं। मजबूरी में जनता उन बदहाल सड़कों पर जान जोखिम में डाल कर यात्रा करने को मजबूर है। खास बात तो यह है कि इन सड़कों पर विकास का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि भी यात्रा करते हैं। पर वे भी पद में आने के बाद अपने वादे भूल जाते ।
ग्रामीणों ने बताया कि 10 से12 किलोमीटर के बीच में काफी मांग के बाद सड़क का निर्माण पूरा हुआ था। पर बनने के कुछ ही महीनों बाद सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी। वर्तमान में इस सड़क की हालत यह है कि कई स्थानों पर सड़क है या नहीं, इसका पता ही नहीं चलता।
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इस मार्ग पर दर्जनों यात्री बसें और दो पहिया, चार पहिया वाहन चलते हैं। जहां यात्री यात्रा के पहले भगवान को याद करते हैं।
बार-बार मांग के बाद भी नहीं सुधरी दशा
इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को इस सड़क के सुधार करने की मांग की। पर आज तक न तो सड़क सुधरी और न ही लोगों को राहत मिली। जिसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीण व्यथित हैं। सड़क की उपेक्षा से यह साबित हो जाता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ऐसे मामलों में कितने संवेदनशील हैं।










