
बिलासपुर :—सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल उपचार और आर्थिक राहत मिल सके, इसके लिए बिलासपुर यातायात पुलिस ने प्रधानमंत्री कैशलेस उपचार योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जिले के थानों के विवेचकों को प्रशिक्षण दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित प्रशिक्षण में आई-रेड, ई-डार और ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम की तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। एनआईसी के विशेषज्ञ अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने विवेचकों को दुर्घटना के बाद आवश्यक प्रविष्टियां और प्रक्रिया समय पर पूरी करने का प्रशिक्षण दिया।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सामान्य रूप से घायल व्यक्ति के मामले में 24 घंटे के भीतर, जबकि गंभीर स्थिति में 48 घंटे के अंदर आई-रेड और ई-डार में आवश्यक प्रविष्टि करना अनिवार्य है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा घायल मरीज से जुड़ी जानकारी ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर अपलोड कर संबंधित थाने को भेजी जाती है। इसके बाद थाना प्रभारी और विवेचक दुर्घटना की सत्यता की पुष्टि कर आवश्यक जानकारी आई-रेड और ई-डार में दर्ज करते हैं।
यातायात पुलिस ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में मदद करें और योजना के तहत कैशलेस उपचार की जानकारी घायल और उसके परिजनों को जरूर दें।

साथ ही अस्पताल प्रबंधन से भी अपील की गई है कि मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए घायल का उपचार तत्काल शुरू करें और योजना से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करें।







