
*गरियाबंद*:- जल जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत काशी विश्वनाथ की पावन धरती से प्रारंभ हुई सेवा तीर्थ यात्रा के दौरान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने यात्रियों से यात्रा के अनुभव, मार्ग में किए जा रहे सेवा कार्यों, सामाजिक सरोकारों तथा यात्रा के उद्देश्य और महत्व के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
काशी की आध्यात्मिक चेतना से लेकर वड़नगर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरा तक चल रही यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरी तय करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक दायित्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान सेवा तीर्थ यात्रियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण, स्वच्छता, धार्मिक गतिविधियों, यातायात व्यवस्था तथा जनसेवा से जुड़े कार्यों में सहभागिता की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ यात्रियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना तथा यह समझने का प्रयास किया कि यात्रा के दौरान उन्हें देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक जीवन और जनसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का कितना अवसर मिला। संवाद के दौरान यात्रियों ने यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर हुए अनुभवों और सेवा गतिविधियों की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ से यात्रा में शामिल सेवा तीर्थ यात्रियों ने भी सहभागिता की। छत्तीसगढ़ के यात्रा प्रभारी दीपक साहू के नेतृत्व में प्रदेश के युवा इस सेवा तीर्थ यात्रा में सहभागिता कर रहे हैं। यात्रा में दीपक साहू, ओंकार साहू, रवि साहू, वेदव्यास साहू, टुकेश्वर साहू, उमेश साहू, खिलावन साहू, सुरेंद्र साहू, सुरेश साहू, देवनारायण साहू, घनश्याम साहू, तुषार साहू, शिखर साहू, नवीन कुमार, सृजन सिंह, प्रियांशु, सूर्यकांत, जितेंद्र यादव, अभिषेक राजपूत, करण पाटिल, राजेंद्र राजा, गजेंद्र ठाकुर, उमाशंकर बघेल, योगेश वर्मा, अभिषेक मिश्रा, सनातन यादव, रोहन साय, विवेक यादव, अमन कुमार, ज्ञानेंद्र कश्यप, राजाराम साहू, रितेश साहू, भावेश साहू, सुधांशु, उज्ज्वल, महेंद्र, विराट मित्र, शुभंकर, सचिन सरकार, कुलदीप, गजानन, श्रीराम, देव मिश्रा एवं राकेश राजवाड़े सहित अन्य सेवा तीर्थ यात्री शामिल हैं।
सेवा को संस्कार बनाने का संकल्प
यात्रा के दौरान युवाओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सेवा केवल किसी एक दिन या अवसर तक सीमित गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संस्कृति है। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को जोड़ते हुए सेवा यात्रियों ने विभिन्न पड़ावों पर समाजहित से जुड़े कार्यों में अपनी सहभागिता निभाई।
हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, पौधारोपण, स्वच्छता गतिविधियां, यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षित आवाजाही के लिए यातायात व्यवस्था में सहयोग जैसे कार्यों के माध्यम से युवाओं ने सेवा और अनुशासन का परिचय दिया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय परंपरा और संस्कारों से युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास किया गया।
काशी से वड़नगर तक आस्था और सेवा की यात्रा
काशी विश्वनाथ की पावन धरती से प्रारंभ होकर गुजरात के वड़नगर स्थित हटकेश्वर महादेव तक पहुंचने वाली यह यात्रा आध्यात्मिक आस्था के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति दायित्व का भाव भी लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान पवित्र नदियों के जल को एकत्रित कर हटकेश्वर महादेव में अभिषेक करने का संकल्प भी इस यात्रा की धार्मिक भावना को विशेष स्वरूप प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुए संवाद ने सेवा तीर्थ यात्रियों के लिए इस यात्रा को एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया। देश के प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिलने पर युवाओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ। सेवा यात्रियों ने इसे अपने लिए प्रेरणादायी क्षण बताते हुए कहा कि यात्रा के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को वे अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
जल जन सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से आस्था, सेवा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रभावना को एक सूत्र में पिरोते हुए सेवा तीर्थ यात्रा निरंतर अपने गंतव्य की ओर अग्रसर है।









