
13 नवंबर से शुरू होंगे छठी मैया के अनुष्ठान, चार दिनों तक अरपा तट पर दिखेगा आस्था और भक्ति का संगम
बिलासपुर:— सूर्य उपासना के महापर्व छठ को लेकर अब बिलासपुर में भी उत्साह दिखाई देने लगा है। शहर के तोरवा स्थित छठ घाट पर रविवार को छठ पूजा समिति के कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। सुबह 11 बजे मंगलाचरण और छठी मैया के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यालय की शुरुआत की गई। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और समाज के वरिष्ठजन मौजूद रहे।
कार्यालय शुरू होने के साथ ही छठ महापर्व के आयोजन की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। समिति द्वारा घाट की व्यवस्था, साफ-सफाई, रंग-रोगन, विद्युत सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई है। आयोजन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
बिलासपुर में छठ महापर्व मनाने की परंपरा पिछले 26 वर्षों से चली आ रही है। पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज और सहजानंद समाज के सामूहिक प्रयासों से शुरू हुआ यह आयोजन आज पूरे शहर की आस्था का केंद्र बन चुका है। तोरवा का छठ घाट हर साल हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति का साक्षी बनता है। खास बात यह है कि अब इस पर्व में स्थानीय नागरिकों की भी बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिलती है।
चार दिनों तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान
इस वर्ष 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत होगी। इसी दिन अरपा नदी तट पर मां अरपा की महाआरती आयोजित की जाएगी। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उगते सूर्य को प्रातः अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खुला रहेगा कार्यालय
छठ पूजा समिति का कार्यालय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगा। यहां छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को पर्व से जुड़ी जानकारियां तथा आयोजन संबंधी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। दिवाली के बाद घाट की तैयारियों में और तेजी आने की उम्मीद है।
समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा और सचिव विनोद सिंह सहित डॉ. धर्मेंद्र कुमार दास, सुधीर झा, ए.के. कंठ, लव कुमार ओझा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, धनंजय झा, प्रशांत सिंह, हरिशंकर कुशवाहा, दिलीप चौधरी, राकेश दीक्षित, डॉ. कुमुद रंजन सिंह सहित कार्यकारिणी एवं संरक्षक मंडल के सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
कार्यालय शुभारंभ के अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छठ महापर्व को आपसी सहयोग और सहभागिता से सफल बनाने की बात कही।
कुल मिलाकर, नवंबर में एक बार फिर अरपा नदी का तट छठी मैया के गीतों, दीपों की रोशनी और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते श्रद्धालुओं की आस्था से जगमगाने वाला है।








