
“छेर-छेरा ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ सांस्कृति परम्परा की हमारी असली पहचान है,,
धान के कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में पारंपरिक, संस्कृति, छेरछेरा पर्व के पावन अवसर पर पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत घुमानी डॉड में महिलाओं द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य लोकड़ी नाच कर,संस्कार, सादगी और मानवता एकता का प्रतीक दिया है आज घूमानी डॉड निवासी जोशी लाल ने अपने घर में महिलाओं द्वारा लोक नृत्य लोकड़ी नाच आयोजित गई l इस छेरछेरा पर्व सभी के जीवन में सुख समृद्धि और खुशहाली लेकर आता है यह पारंपरिक, संस्कृति पर्व पौष माह की पूर्णिमा मनाया जाता है यह नई फसल आने की खुशी ,दानशीलता, समानता, सामूहिकता का प्रतीक है जिसे बच्चे, बूढ़े ,जवान और महिलाएं सामूहिक रूप से मनाते हैं ताकि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यूं ही पीढ़ी दर पीढ़ी फलती फूलती रहे l








