
आमागोहन PHC में निजी प्रैक्टिशनरों की बैठक, बीएमओ निखलेश गुप्ता ने दो टूक कहा—मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
आमागोहन/कोटा:— अवैध क्लीनिक और बिना मान्यता के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती का रुख अपना लिया है। शनिवार को आमागोहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में PHC प्रभारी के नेतृत्व में क्षेत्र के निजी प्रैक्टिशनरों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान संबंधित प्रैक्टिशनरों की शैक्षणिक एवं चिकित्सा संबंधी डिग्रियों और दस्तावेजों की जांच की गई।

बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि बिना वैध योग्यता और जरूरी दस्तावेजों के मरीजों का इलाज करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियां किसी भी स्थिति में चलने नहीं दी जाएंगी।
दस्तावेज हैं तो जांच में दिखाएं, नहीं तो बंद करें क्लीनिक
बीएमओ गुप्ता ने निजी प्रैक्टिशनरों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिनके पास वैध डिग्री और आवश्यक दस्तावेज हैं, वे उन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत करें। बिना योग्यता के चिकित्सा कार्य करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की जिंदगी के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वास्थ्य विभाग बर्दाश्त नहीं करेगा।

PHC प्रभारी ने भी दी समझाइश
बैठक में PHC प्रभारी आमागोहन द्वारा निजी प्रैक्टिशनरों को चिकित्सा कार्य में निर्धारित नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। उन्हें मरीजों के उपचार में सावधानी बरतने और अपनी योग्यता एवं वैध दस्तावेजों के अनुरूप ही चिकित्सा सेवा देने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट संदेश
स्वास्थ्य विभाग की इस बैठक से क्षेत्र में बिना वैध योग्यता के चिकित्सा कार्य करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी निजी क्लीनिकों और प्रैक्टिस करने वालों की जांच जारी रह सकती है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीएमओ नीखलेश गुप्ता का संदेश साफ है—इलाज के नाम पर किसी की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं, योग्यता और दस्तावेज जरूरी हैं।

डिग्री है तो दिखाइए, नहीं तो क्लीनिक बंद कर मजदूरी कीजिए">






