संभागीय जिला ब्यूरो रवि राज रजक की रिपोर्ट
पीएम श्री जुड़ने के बाद भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से निमोनिया मौत
सेंट्रल की टीम क्या करेगी कार्यवाही स्कूल प्रबंधन यह एक बड़ा सवाल
बिलासपुर जिले के मल्हार में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जो कि जिले का एकमात्र स्कूल है जिसमें मेधावी छात्र कॉम्पिटेटिव एक्जाम दिलाकर वहां प्रवेश मिलता है जिसमें एस टी एससी पिछड़ा वर्ग व जनरल कोटे के ग्रामीण अंचल के लोग सीबीएसई पैटर्न से अध्ययन करने जाते हैं वही बेलगहना के होनहार छात्र हर्षित यादव पिता जयप्रकाश यादव का चयन भी पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मल्हार में हुआ था पारिवारिक विषम परिस्थितियों में होने के बावजूद छात्र की लगन व मेहनत से नवोदय विद्यालय मल्हार में प्रवेश दिलाए लेकिन क्या पता था की घर का चिराग स्कूल प्रबंधन की भेंट चढ़ जाएगा आपको बता दे की छात्र के पिता ने बताया कि 22 नवंबर को विद्यालय से बच्चे का स्वास्थ्य ख़राब होने की जानकारी देते हुए आकर ले जाने की बात प्रबंधन द्वारा कही गई जिस पर वे एक मोटरसाइकिल से मल्हार पहुँचे और जब बच्चे को देखा तो वह गंभीर स्थिति में था तथा प्रबंधन से देर से जानकारी देने की बात कही जिसे मोटरसाइकिल से ले जाना संभव नहीं था लेकिन गरीब मजबूर की कौन सुनता है फिर भी पिता ने वहाँ के प्रबंधन से चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने की गुहार लगायी थी किंतु प्रबंधन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि चार पहिया वाहन को प्राचार्य लेकर गए हैं
,हड़बड़ाए हुए पिता मोटरसाइकिल से ही बच्चे को लेकर बिलासपुर के एक निजी अस्पताल गए जहाँ से चार-पाँच दिन की दवा देकर छुट्टी दे दी गई ,लेकिन छात्र की स्थिति में सुधार नहीं हुआ जिससे परिजन उसे 24 नवम्बर को बिलासपुर के वासुदेव क्लिनिक ले कर गए जहाँ चिकित्सक ने बताया कि बच्चे को निमोनिया से पीड़ित है तथा हृदय की धड़कन सामान्य नहीं है और उसका रक्तचाप ज्ञात नहीं हो पा रहा चिकित्सक द्वारा बीमार छात्र का इलाज किया जा रहा था किन्तु दोपहर लगभग 2 बजे उसकी मौत हो गई ।छात्र के पिता ने बताया कि विद्यालय के छात्रावास में गंदगी का अंबार व बदइंतजामी को लेकर कई बार प्रबंधन से शिकायत की गई थी जिसमें कहा गया था कि भवन में सीलन है दरवाज़े खिड़की टूटे हुए हैं संक्रमण का ख़तरा है किन्तु प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय मल्हार के प्राचार्य मनोज श्रीवास्तव से फ़ोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने छात्र की मृत्यु की जानकारी होने की बात कही ,किन्तु जब उनसे परिजनों के द्वारा लगाये गए आरोप के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि तथ्य को जाने बिना कुछ नहीं बता सकते ।
*इस घटना के बाद क्या जवाहर नवोदय विद्यालय में कोई सुधार होगा या नहीं*
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय मल्हार में दसवीं के छात्र हर्षित यादव की निमोनिया से मौत हो जाने के बाद क्या प्रबंधन व केन्द्र की टीम इस पर जांच करेगी या वही पुराना रवैया से काम होता रहेगा आपको बता दे की पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एक छात्रा के पीछे एक लाख की राशि दी जाती है उसके बावजूद वहां के छात्रों की स्थिति दयनीय है










