
गरियाबंद:- जिले के कई कलेक्टर अधिकारी बदले लेकिन आज तक इसका सुध नहीं लिया गया जिसके चलते काम में दो साल जगह छह साल में पूरा नहीं हुआ यह रोड निर्माण का कार्य ए डी बी प्रोडक्शन के तहत दिया गया है जो पाण्डुका से मुड़ागाव (छुरा ) दूरी लगभग 33 किलोमीटर तक तय किया गया है इसके मार्ग को पूरा करने के लिए एक करोड़ से ज्यादा राशि पास किया गया है वहीं इस मार्ग का पूरा करने की समय सीमा दो साल का था
जो साढ़े पांच साल छः साल होने को है जो अब तक तक पूरा नहीं हुआ वही ठेकेदार द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा अपने मुंशी के भरोसे चलाए जा रहे काम के कारण भारी धीमी कछवा गति से काम चलने के कारण अभी तक नहीं हुआ जिसका मुंशी और पाण्डुका से बनने वाले रोड के कर्ता धरता मुंशी छबि के अंतर्गत आता है कहा गाड़ी लगानी है,कहा से मुरूम खुदाई करवानी है कौन से एरिया में कितने गाड़ी से काम डीजल पेट्रोल आदि काम करवाया जाता
लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ काम धीरे चलने घटिया निर्माण के चलते कई मासूमों की मौत हो गई।कारण सिर्फ रोड निर्माण में धीमा कार्य और तो और गाड़ाघाट,सांकरा के बीच में डामर बनाने का प्लॉट भी यही लगाया है उसके बाद भी यहां गाड़ाघाट पुल के बगल रोड अभी से दरारें पड़ने टूटने लगी जिसे दबाने के लिए दोबारा मरम्मत किया है जो कि इस पुल को बने एक साल भी नहीं हुआ वही कई जगहों में इसी तरह मरम्मत किया गया तो रोड में लगाए गांव का नाम भी इस विभाग के मुंशी द्वारा सही नहीं दर्शाया गया है जो इस ठेकेदार की मुंशी छबिराम की भारी लापरवाही दिख रही इसके चलते ग्रामीण के गांव भटकने और भय ग्रामीणों को लग रहा है वहीं कुरूद ,खट्टी ,गाड़ाघाट के ग्रामीणों ने बताया इसमें यह काम बहुत धीमा गति से चलाया जा रहा उपर से गांव का नाम गलत लगने से बाहर से आने वाले लोग कन्फ्यूजन में गांव का नाम पूछते है तो कुरूद के पास नाली निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया इस पर अधिकारी ऐसे लोगों का लायसेंस निरस्त कर कार्यवाही किया जाना चाहिए
विभागीय अधिकारीयों के द्वारा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के ऊपर करने के बजाय संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
इस पूरे मार्ग पर कई ऐसे जगह है जहां पर कार्य अधूरे नजर आते हैं मगर विभागीय अधिकारीके पास रोड को देखने का बिल्कुल भी समय नहीं है। अधिकारियों के द्वारा आधे अधूरे निर्माण कार्यों का फाइल आगे बढ़ा दिया जाता है जिसके माध्यम से ठेकेदारों को पेमेंट हो जाताहै। वहीं ऊपर नीचे बनाए गए सड़क से आये दिन लोग दुर्घटना का भी शिकार होते रहते हैं।










