
बेलगहना–गंगानगर बाईपास बदहाल: हर सफर हादसे का इंतजार, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बेलगहना :—करोड़ों रुपये की लागत से बनी बेलगहना–गंगानगर बाईपास सड़क आज खुद अपनी बदहाली की गवाही दे रही है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और अधूरी छोड़ दी गई नाली ने लोगों का सफर मुश्किल ही नहीं, बल्कि जानलेवा बना दिया है।
बरसात में सड़क पर जलभराव होने से हालात और खराब हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों ग्रामीण, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना के खतरे के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं।
बरसात ने खोली निर्माण की पोल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान नाली का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से डामर उखड़ गया और कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। इससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन अब तक न सड़क की मरम्मत हुई और न ही अधूरी नाली का निर्माण पूरा कराया गया। इससे लोगों में भारी आक्रोश है।
उपसरपंच की चेतावनी
बेलगहना के उपसरपंच अमित गुप्ता ने कहा, “यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
– बेलगहना–गंगानगर बाईपास सड़क की तत्काल मरम्मत।
– अधूरी नाली का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए।
– निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।

करोड़ों की सड़क पर गड्ढों का राज, अधूरी नाली ने बढ़ाई मुसीबत">







